
भारत रत्न और तीन बार प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार शाम 5.05 बजे निधन हो गया। अटल बिहारी वाजपेयी नेता के साथ साथ कवि भी थे और कविता उनको विरासत में मिली थी। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर रियासत के कवि थे और खड़ी बोली और ब्रज भाषा में लिखते थे। उन्होंने राष्ट्र और राजनीति के साथ साथ श्रृंगार रास में भी कविताएं लिखीं। अटल बिहारी वाजपेयी ने दो काव्यसंग्रह लिखे- 'न दैन्यं न पलायनम्' और 'मेरी इक्यावन कविताएं'।
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