
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन के बीच मंगलवार को हुई बातचीत को भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक सकारात्मक कदम बताया है। ट्रम्प और किम के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत कोरियाई प्रायद्वीप पर बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति स्थापित करने के पक्ष में है। बयान में उम्मीद जताई गई है कि दोनों के बीच हुए समझौते में प्योंग्यांग तक परमाणु पहुंचाने में जिस देश का हाथ रहा इसकी भी जांच होनी चाहिए। बता दें कि कई वैज्ञानिक दावा कर चुके हैं कि पाकिस्तान ने ही उत्तर कोरिया को 2005 में परमाणु तकनीक मुहैया कराई थी।
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